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    29 يناير، 2019

    20 लाख की बीमा रकम पाने के लिए कर दी अपने ही कर्मचारी की हत्या, लाश को पहनाए खुद के कपड़े

    20 लाख की बीमा रकम पाने के लिए कर दी अपने ही कर्मचारी की हत्या, लाश को पहनाए खुद के कपड़े


    मध्य प्रदेश में रतलाम जिले के कुमेड़ गांव में 23 जनवरी को हुए कथित आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के मामले में सोमवार को पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा किया। संदेह है कि इस हत्याकांड में मृतक बताए जा रहे व्यक्ति ने ही 20 लाख रुपये की बीमे की रकम पाने के लिए अपने कर्मचारी की हत्या की और स्वयं को मृतक बताने के लिये अपने कपड़े लाश को पहनाए और पहचान के लिये अपना सामान भी लाश के आसपास बिखेर दिया था।

    आरएसएस कार्यकर्ता की कथित हत्या के इस मामले ने प्रदेश में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था और भाजपा ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश भर में पुतला दहन और प्रदर्शन किये थे।

    जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव तिवारी ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि 23 जनवरी को कमेड़ से आरएसएस कार्यकर्ता बताए गए हिम्मत पाटीदार (36) का चेहरा जलाकर हत्या कर देने की सूचना उसके पिता ने ही पुलिस को दी थी। प्रारंभिक रूप से परिजनों ने मृतक की पहचान कपड़ों और सामान के आधार पर हिम्मत के रूप में की थी। लेकिन जब जांच आगे बढी, तो पुलिस को पता चला कि हिम्मत के खेत पर काम करने वाला कर्मचारी मदनलाल मालवीय (32) गायब है।

    पुलिस को पहले संदेह हुआ कि मदनलाल ही हिम्मत की हत्या करने बाद फरार हो गया, लेकिन जब हिम्मत की डायरी से बीमा नंबर, एफडी, पिन नंबर आदि की जानकारी मिली और हिम्मत के फोन का सारा डाटा गायब मिला, तो पुलिस को दाल में कुछ काला दिखाई दिया। तिवारी ने बताया कि पुलिस ने शंका दूर करने के लिए लाश का डीएनए टेस्ट करवाया तो पूरे मामले का भंडफोड़ हो गया। डीएनए टेस्ट में साबित हो गया कि खेत से जो लाश मिली है, वह हिम्मत की न होकर उसके खेत में काम करने वाले मदनलाल की है।

    उन्होंने कहा कि डीएनए जांच के लिये लाश के नमूने की जांच में हिम्मत के पिता के नमूनों से मिलान नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने मदनलाल के परिजन से शव के डीएनए का मिलान किया तो उससे मिलान हो गया, इससे हत्याकांड का खुलासा हो गया। एसपी ने बताया कि आरोपी हिम्मत ने हत्या के बाद मृतक मदनलाल के शरीर के पूरे कपड़े बदल दिये लेकिन उसका अंडरवियर नहीं बदला जो कि बाद में मदनलाल की पत्नी द्वारा पहचान लिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिम्मत आरएसएस की शाखाओं में भाग लेता था लेकिन आरएसएस संगठन में कोई पदाधिकारी नहीं था।

    पुलिस को संदेह है कि हिम्मत ने मदनलाल की हत्या का षडयंत्र 20 लाख रुपये की बीमा राशि के लिये किया था। उसने मदनलाल की हत्या के बाद उसकी कद काठी एक जैसी होने का लाभ उठाया और उसे हिम्मत की लाश बनाकर खुद की हत्या की झूठी कहानी गढ़ दी। हत्या के बाद से हिम्मत फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है।

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