• Breaking News

    30 January, 2019

    आतंकी हमलों पर श्रद्धांजलि देकर खत्म होती थी बात, उरी अटैक के बाद का ऐक्शन सारे देश ने देखा-पीएम मोदी


    लोकसभा चुनाव से पहले युवाओं को साधने की दिशा में पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को गुजरात के सूरत जिले में न्यू इंडिया यूथ कॉन्क्लेव को संबोधित किया। सूरत के इनडोर स्टेडियम में 18 हजार से अधिक युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम ने यहां तमाम लोगों के सवालों का जवाब दिया। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं एक सामान्य परिवार से आया था इसलिए देश के लिए कोई फैसला लेने में मुझे डर नहीं लगा। वहीं सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकार में 26/11 का हमला हुआ था, उस वक्त श्रद्धांजलि देकर बात खत्म हो जाती थी। हमारी सरकार में उरी का अटैक हुआ और फिर क्या हुआ वह सारे देश ने देखा।

    पीएम ने कहा कि कुछ लोगों का काम सिर्फ रोना होता है। मेरा ना रोने में विश्वास है और ना रुलाने में विश्वास है, मैं सबको आगे ले जाने में विश्वास करता हूं। मुझसे लोग पूछते हैं कि मोदी जी आपने लोगों में इतनी आशा जगा दी है कि मैंने पूछा कि निराशा की जगह आशा पैदा करना अच्छा है या बुरा है। हमें गर्व होना चाहिए कि देश में ऐसी सरकार बनी है जिसने सवा सौ करोड़ लोगों के सपनों को जगा दिया है। लोगों को लगता है कि मोदी जी अगर यह सब कर सकते हैं तो कोई मुश्किल काम भी कर ही लेंगे। यह आशा और यह सपने हिंदुस्तान को बहुत आगे ले जाने की काबिलियत रखते हैं।

    महागठबंधन और बड़े फैसलों के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि अगर मैं बड़े घराने से आया होता तो मुझे डर रहता कि अगर कल खुलासा होगा तो मेरा क्या होगा। मैंने 13-14 साल आपके बीच काम किया है, लेकिन विरोधियों ने कभी उंगली नहीं उठाई। वही ताकत थी, जिसके कारण कभी डर नहीं लगा। हमारा सबसे बड़ा काम है कि हमने निराशा से भरे हिंदुस्तान को आशा की उम्मीद से भरा है। यह आशा अब देश को आगे ले जाएगी।

    लोगों ने स्वच्छता जैसे प्रयास को अपना बनाया है। संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर सवाल उठाते हुए पीएम ने कहा कि पहले देश में दो शब्द प्रचलित थे। पहले कोई काम होता था तो लोग पूछते थे मेरा क्या, अगर इसके जवाब में कोई कहता कि मैं तुम्हें कुछ नहीं दे सकता तो लोग कहते कि मुझे क्या। हमनें इन दोनों शब्दों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उस लड़ाई का नाम 'सबका साथ-सबका विकास' है।


    No comments:

    Post a Comment

    Fashion

    Beauty

    Culture