ड्रोन क्रांति की तैयारी में भारत, आंध्र प्रदेश बना पायलट परीक्षण करने वाला पहला राज्य
भारत ड्रोन क्रांति की तैयारी में है। इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश सरकार नए पेश किए गए एडवांस्ड ड्रोन ऑपरेटर्स टूलकिट का पायलट परीक्षण शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। यह ड्रोन आपूर्ति बढ़ाने की मंशा रखने वाली सरकारों के लिए एक ओपन सोर्स गाइड है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2019 सम्मेलन में इसकी घोषणा की। उसने बताया कि वह नई टूलकिट में विकसित नीतिगत ढांचे का परीक्षण करेगी, जिससे राज्यभर में ड्रोन के जरिए डिलीवरी का परिचालन शुरू किया जा सके।
राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं ग्रामीण विकास मंत्री लोकेश नारा ने कहा कि राज्य को एडवांस्ड ड्रोन परिचालन टूलकिट के क्रियान्वयन का गौरव मिला है। वह ऐसा करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि हम टूलकिट से मिली जानकारी का इस्तेमाल कर ड्रोन आपूर्ति कार्यक्रम को लागू करने को तैयार हैं। इससे राज्य में समुदायों को महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति की जा सकेगी।
दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच से हफ्ते में चार दिन काम का विचार सामने आया है। इसको लेकर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पेंसिलवेनिया में व्हार्टन स्कूल में मनोवैज्ञानिक एडम ग्रांट ने कहा कि यह अच्छा विचार है।
उन्होंने कहा कि यदि हम काम के घंटों को कम करते हैं तो इससे लोगों को ज्यादा प्रभावशाली ढंग से अपने काम पर ध्यान देने में मदद मिलती है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और इतिहासकार रूगेर ब्रैगमैन ने भी इसका समर्थन किया है। दुनिया की कई कंपनियां लागत बचाने के लिए चार दिन के कामकाज की कोशिश कर रही हैं।


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