एनएससी से इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने मीटिंग में कभी आपत्ति नहीं जताई: मंत्रालय
सरकार ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने पिछले कुछ महीने में आयोग की किसी भी बैठक में आपत्ति नहीं जताई। एनएससी के दो स्वतंत्र सदस्यों पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी ने पिछली सीरीज के जीडीपी आंकड़ों और श्रमबल सर्वेक्षण (लेबर सर्वे) जारी करने में देरी पर सरकार से असहमति के चलते अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। सरकार का यह बयान इसी के बाद आया है। मोहनन आयोग के कार्यकारी चेयरमैन भी थे।
मोहनन ने मंगलवार रात कहा, ‘मैंने एनएससी से इस्तीफा दे दिया है। हमें लगा कि आयोग इन दिनों अधिक प्रभावी नहीं रह गया है और हमें यह भी लगा कि हम आयोग की जिम्मेदारियों का सही से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं।
केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण में कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में हुई आयोग की किसी भी बैठक में इन सदस्यों ने अपनी आपत्ति जाहिर नहीं की।’ मंत्रालय ने आगे कहा कि वह एनएससी के सुझावों पर गौर करता है और उचित कदम भी उठाता है।
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ‘जब तक कि इसका दोबारा जन्म ना हो जाए, इस संस्था की आत्मा को शांति मिले।' उन्होंने कहा कि सरकार की बदनीयत के चलते 29 जनवरी, 2019 को एक और सम्मानित संस्थान खत्म हो गया।
पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, 'हम राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग की मौत का शोक मनाते हैं। साफ-सुथरे जीडीपी डेटा और रोजगार डेटा को रिलीज करने के लिए इसकी साहसिक लड़ाई को आभार के साथ याद करते हैं।' उन्होंने कहा, 'इस आयोग की आत्मा को शांति मिले, जब तक कि इसका दोबारा जन्म ना हो जाए।'


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