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    02 فبراير، 2019

    ट्रायल के दौरान 'ट्रेन 18' पर फिर फेंका गया पत्थर, शीशा टूटा

    ट्रायल के दौरान 'ट्रेन 18' पर फिर फेंका गया पत्थर, शीशा टूटा


    देश में मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई भारतीय रेल की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन 'ट्रेन 18' यानी वंदे भारत एक्सप्रेस पर आज सुबह पत्थर फेंका गया, जिससे उसका एक शीशा टूट गया। ये घटना तब घटी जब ट्रेन-18 को इसके टाइम ट्रायल के लिए शकूरबस्ती स्थित वर्कशॉप से नई दिल्ली स्टेशन लाया जा रहा था। इस बीच दिल्ली की दया बस्ती के पास इस ट्रेन पर पत्थर फेंका गया।

    इससे पहले भी इस ट्रेन पर पत्थर फेंका जा चुका है। पिछले साल 20 दिसंबर को भी ये ट्रेन ट्रायल के दौरान पटरी पर दौड़ रही थी, इस बीच किसी शरारती तत्व ने उस पर पत्थर फेंका था जिससे ट्रेन के एक डिब्बे का शीशा चकनाचूर हो गया था। ये पत्थर भी दया बस्ती में ही फेंका गया था। इस घटना के बाद रेलवे ने लोगों से रेल संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की थी। पिछली बार जब यह हमला किया गया था उस समय ट्रेन को चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सिक्योरिटी के ट्रायल के लिए आगरा ले जाया गया था।

    ट्रेन की खासियत यह है कि इसमें मेट्रो की तर्ज पर यात्री डिब्बे के एक हिस्से में इंजन लगा हुआ है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्री ड्राइवर केबिन को अंदर से देख सकते हैं। साथ ही ये ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई, इंफोटेनमेंट समेत अन्य कई सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके प्रत्येक कोच में 52 सीट होंगी, वहीं सामान्य कोच में 78 सीटें होंगी।

    बता दें कि 100 करोड़ की लागत वाली इस ट्रेन में यात्रा के दौरान वाई-फाई, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, स्पर्श मुक्त जैव शौचालय, एलईडी लाइट, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और उपस्थित यात्रियों और मौसम के अनुसार तापमान को कम ज्यादा करने में सक्षम मौसम नियंत्रण प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। रेल मंत्रालय के मुताबिक देश में मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई इस अत्याधुनिक 'ट्रेन 18' का ट्रायल मुरादाबाद से बरेली के बीच में 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर सफल रहा था।


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