स्कूल बैग में लव लेटर मिलने पर टीचर ने पिता के सामने डांटा, 15 साल की छात्रा ने की खुदकुशी
महाराष्ट्र के पंधारपुर में एक 15 साल की बच्ची ने स्कूल में टीचर द्वारा बुरी तरह बेइज्जत किए जाने के चलते आत्महत्या कर ली। दरअसल मामले में लड़की का कोई दोष नहीं था बल्कि किसी अंजान शख्स ने उसे प्रेम पत्र भेजा था। लेकिन ये सब लड़की के लिए तब शर्मसार करने वाला हो गया जब वह चिट्ठी उसकी स्कूल टीचर के हाथ लग गई। टीचर ने न सिर्फ बच्ची को सबके सामने इसके लिए बेइज्जत किया बल्कि उसके मां बाप को भी स्कूल बुलाकर इसकी जानकारी दे दी। इस पूरी घटना से बच्ची खुद को इतना अधिक शर्मिंदा महसूस करने लगी कि उसने अपने जान लेने का फैसला किया और एक दिन फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बच्ची के पिता ने जी मीडिया से बातचीत में कहा कि एक दिन उन्हें उनकी बेटी के स्कूल से कॉल आया। उन्हें बुलाया गया लेकिन जब वे पहुंचे तो वहां बेटी को रोते देखा। इसके बाद लड़की की टीचर ने बताया कि बच्ची के पास से प्रेम पत्र बरामद हुआ है। इस सब के बीच बच्ची बार बार कहती रही कि वह न तो खत लिखने वाले को जानती है और न ही इस तरह के किसी मामले से उसका कोई लेना देना है। लड़की ने कहा कि वह नहीं जानती कि उसे ये खत किसने लिखा। लड़की के पिता उसे उसी समय घर लेकर आ गए लेकिन वह इस सब से बेहद शर्मिंदा थी और उसी दिन शाम को उसने फांसी लगाकर खुद की जान ले ली। घटना के वक्त लड़की के साथ उसके घर पर कोई और नहीं था।
लड़की के सहपाठियों का कहना है कि वह काफी परेशान थी और पिता को स्कूल बुलाए जाने से दुखी भी। लड़की की आत्महत्या के कुछ ही घंटे बाद लड़की के वाखरी गांव के लोगों ने पंधारपुर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन खत लिखने वाले को पकड़ पाना लगभग नामुमकिन दिखाई पड़ रहा है।
महाराष्ट्र के पंधारपुर में एक 15 साल की बच्ची ने स्कूल में टीचर द्वारा बुरी तरह बेइज्जत किए जाने के चलते आत्महत्या कर ली। दरअसल मामले में लड़की का कोई दोष नहीं था बल्कि किसी अंजान शख्स ने उसे प्रेम पत्र भेजा था। लेकिन ये सब लड़की के लिए तब शर्मसार करने वाला हो गया जब वह चिट्ठी उसकी स्कूल टीचर के हाथ लग गई। टीचर ने न सिर्फ बच्ची को सबके सामने इसके लिए बेइज्जत किया बल्कि उसके मां बाप को भी स्कूल बुलाकर इसकी जानकारी दे दी। इस पूरी घटना से बच्ची खुद को इतना अधिक शर्मिंदा महसूस करने लगी कि उसने अपने जान लेने का फैसला किया और एक दिन फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बच्ची के पिता ने जी मीडिया से बातचीत में कहा कि एक दिन उन्हें उनकी बेटी के स्कूल से कॉल आया। उन्हें बुलाया गया लेकिन जब वे पहुंचे तो वहां बेटी को रोते देखा। इसके बाद लड़की की टीचर ने बताया कि बच्ची के पास से प्रेम पत्र बरामद हुआ है। इस सब के बीच बच्ची बार बार कहती रही कि वह न तो खत लिखने वाले को जानती है और न ही इस तरह के किसी मामले से उसका कोई लेना देना है। लड़की ने कहा कि वह नहीं जानती कि उसे ये खत किसने लिखा। लड़की के पिता उसे उसी समय घर लेकर आ गए लेकिन वह इस सब से बेहद शर्मिंदा थी और उसी दिन शाम को उसने फांसी लगाकर खुद की जान ले ली। घटना के वक्त लड़की के साथ उसके घर पर कोई और नहीं था।
लड़की के सहपाठियों का कहना है कि वह काफी परेशान थी और पिता को स्कूल बुलाए जाने से दुखी भी। लड़की की आत्महत्या के कुछ ही घंटे बाद लड़की के वाखरी गांव के लोगों ने पंधारपुर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन खत लिखने वाले को पकड़ पाना लगभग नामुमकिन दिखाई पड़ रहा है।


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