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    31 يناير، 2019

    ईडी के रडार पर मायावती, स्मारक घोटाले में लखनऊ की 6 जगहों पर पड़े छापे

    ईडी के रडार पर मायावती, स्मारक घोटाले में लखनऊ की 6 जगहों पर पड़े छापे


    लोकसभा चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती की मुश्किलों बढ़ सकती हैं। स्मारक घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को लखनऊ की गोमती नगर, हजरतगंज सहित छह जगहों पर छापेमारी की। ये छापेमारी 1400 करोड़ रुपए के कथित स्मारक घोटाले के सिलसिले में हुई है। समझा जाता है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद ईडी ने छापे की यह कार्रवाई की है और यह घोटाले उसकी निगरानी में आ गया है। 


    बता दें कि सितंबर 2018 में इहालाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कहा था कि तथाकथित स्मारक घोटाले में कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। यूपी में 2002 से 2007 तक मायावती की सरकार रही और इस दौरान उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहीत कर दलित नेताओं की मूर्तियां एवं प्रतिमाएं स्थापित की गईं। आरोप है कि प्रतिमाएं लगाने के नाम पर करीब 1400 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ।


    संसद के बजट सत्र के पहले दिन जांच एजेंसी की यह कार्रवाई हुई है, ऐसे में विपक्ष इस मामले को संसद में उठाकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश करने के साथ ही इसे बदले की कार्रवाई भी बता सकता है। सीबीआई पहले ही खनन घोटाले मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है और आने वाले दिनों में उनसे पूछताछ कर सकती है।


    लोकसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच यूपी में राजनीतिक गठबंधन हुआ है। गठबंधन होने के बाद दोनों दलों को उम्मीद है कि वे राज्य की ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने में सफल होंगे। जांच एजेंसियों की जांच का दायरे यदि मायावती और अखिलेश तक बढ़ता है तो उन्हें चुनावों में नुकसान उठाना पड़ सकता है।



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