यूजीसी का बड़ा फैसला, इन 8 शिक्षण संस्थानों में सामान्य वर्ग के छात्रों को नहीं मिलेगा आरक्षण
देश के आठ शिक्षण संस्थानों में आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग को आरक्षण नहीं मिल पाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है। इसमें साफ किया गया है कि देश के किन-किन संस्थानों में केंद्र सरकार का ताजा आरक्षण संबंधी आदेश लागू होगा और कहां नहीं होगा।
यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार त्रिपाठी की ओर से जारी सूचना के मुताबिक देश के 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आठ डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, दिल्ली के 54 कॉलेज, बनारस हिंदू विवि के चार कॉलेज और इलाहाबाद विवि के 11 संघटक कॉलेजों में आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का नियम लागू होगा। देश के आठ इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस में यह आरक्षण लागू नहीं होगा। यूजीसी ने आरक्षण के दायरे में आने वाले सभी संस्थानों को 31 मार्च से पहले ही बढ़ी हुई सीटों सहित पूरी जानकारी जारी करने के निर्देश दिए हैं।
यूजीसी के अनुसार होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट, मुंबई (भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर ट्रांबे, इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च कलपक्कम, राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी इंदौर, इंस्टीट्यूट फॉर प्लाज्मा रिसर्च गांधीनगर, वेरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रोन सेंटर कोलकाता, साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स कोलकाता, इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स भुवनेश्वर, इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइंस चेन्नई, हरिश्चंद्र रिसर्च इंस्टीट्यूट इलाहाबाद, टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई, नार्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस, शिलांग में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर, मानेसर, गुड़गांव, जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बैंगलोर, फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी, अहमदाबाद, स्पेस फिजिक्स लैबोरेटरी, तिरुवनंतपुरम, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, देहरादून में आरक्षण लागू नहीं होगा।


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