नरेंद्र मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को अंतरिम बजट में दिया यह बड़ा तोहफा
7वें वेतन आयोग के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए कोई घोषणा नहीं हुई जिसके बाद कर्मचारी निराश थे, हलांकि नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में उन्हें राहत दी है. अब सरकारी कर्मचारियों को उनकी सैलरी में राहत मिलेगी, सरकार ने एक फरवरी को अपने अंतरिम बजट में बड़ा फैसला लिया था कि अब 5 लाख की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं था.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 2.57 गुना फिटमेंट फैक्टर के अनुसार उनका वेतन मिल रहा है, जिसमें उनका न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है. हालांकि केंद्रीय कर्मचारी अपने वेतन को लेकर 3.68 गुना फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे थे जिनसे उनका मूल वेतन को बढ़कर 26,000 रुपये हो जाए.
इसके बाद भी ऐसा कुछ नहीं हुआ, हालांकि वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अपने बजट भाषण में 7 वें वेतन आयोग के बारे अधिक नहीं बोला उन्होंने कहा कि केंद्र 7 वें वेतन आयोग की मांगों को लागू कर सकता है.
इस बजट में वित्त मंत्री ने आय पर लगने टैक्स की सीमा 5 लाख तक की कर दी है, यह सीमा अतिरिक्त छूट जैसे कि 2 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज, शिक्षा ऋण पर ब्याज, राष्ट्रीय पेंशन योजना के योगदान, वरिष्ठ नागरिकों पर चिकित्सा बीमा और चिकित्सा व्यय आदि पर जा सकती है.
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक और डाकघर के जमा पर अर्जित ब्याज पर टीडीएस की सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये की जा रही है. छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए किराए पर कर की कटौती के लिए टीडीएस सीमा 1,80,000 रुपये से बढ़ाकर 2,40,000 रुपये करने का प्रस्ताव है.


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