छात्रों की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी दूतावास को भारत ने जारी किया ‘डिमार्शे'
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक अमेरिका के फर्जी विश्वविद्यालयों में रजिस्ट्रेशन कराने के कारण गिरफ्तार किए गए कई भारतीय छात्रों के मामले पर वह लगातार नजर बनाए हुए है। साथ ही मंत्रालय का कहना है कि इस मामले में सरकार की तरफ से सक्रिय कदम उठाया जाएगा। वहीं भारत ने अमेरिका में भारतीय छात्रों को हिरासत में लिए जाने पर अमेरिकी दूतावास को ‘डिमार्शे’ जारी किया। साथ ही भारत ने हिरासत में लिए गए छात्रों तक राजनयिक पहुंच की भी मांग की है।
विदेश मंत्रालय के जरिए ‘डिमार्शे’ जारी किए जाने पर इसकी अमेरिकी दूतावास ने पुष्टि भी कर दी। अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम पुष्टि कर सकते हैं कि इस हफ्ते अमेरिका में भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिए जाने से जुड़े मामले में विदेश मंत्रालय से एक डिमार्शे हासिल हुआ है।
वहीं विदेश मंत्रालय का कहना है कि छात्रों की गरिमा और उनकी सेहत को लेकर चिंता है। छात्रों तक भारतीय अधिकारियों की राजनयिक पहुंच की जल्द जरूरत है। साथ ही मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास से कहा कि छात्रों को विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के नाम पर ठगे जाने की संभावना भी हो सकती है। इसलिए उनके साथ वो बर्ताव न किया जाए जो उनके साथ ठगी करने वालों के साथ किया जाना चाहिए।
दरअसल, इसी हफ्ते अमेरिकी इमीग्रेशन अधिकारियों ने एक फर्जी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेकर अमेरिका में बने रहने के लिए अपना वीजा बढ़वा रहे कुछ छात्रों को गिरफ्तार किया है। एक फेडरल वकील ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल करते हुए बताया कि डेट्रॉयट के फार्मिंगटन हिल्स की यूनिवर्सिटी होमलैंड सिक्योरिटी के तहत अंडरकवर तरीके से काम कर रही थी, ताकि इस तरह के इमिग्रेशन फ्रॉड को बाहर ले आया जा सके।
प्रॉसिक्यूटर्स का कहना है कि छात्रों को पता था कि ये फर्जी विश्वविद्यालय है फिर भी वो अपने स्टूडेंट वीजा के तहत अमेरिका में बने रहने के लिए यहां एडमिशन ले रहे थे। इस मामले को इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने पे एंड स्टे यूनिवर्सिटी वीजा स्कैम का नाम दिया है। न्यू जर्सी, मिशिगन, लुईसियाना, ह्यूस्टन, सेंट लुई, अटलांटा और कैलिफोर्निया में ये कार्रवाई की गई है।


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