सऊदी अरब में रविवार से महिलाएं सड़कों पर खुद गाड़ी चलाने लगेंगी और इसी के साथ यह देश महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का अंतिम देश बन जाएगा. देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन रहने वाला है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षो से महिलाएं यात्री सीट पर ही बैठा करती थीं. खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी. सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था. यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके. जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा, "मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी।" जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है. उन्होंने कहा, "लोग इस दिन के लिए विदेशों से वापस आ रहे हैं.यह ऐतिहासिक है."
गौरतलब है कि सऊदी अरब में करीब तीन साल पहले ही महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला था. सऊदी अरब में दिसंबर 2015 में नगरपालिका चुनाव शुरू हुए, जिसमें महिलाओं
ने पहली बार मतदान किया.इस चुनाव में महिलाएं बतौर उम्मीदवार भी मैदान उतरी थीं. उस दौरान मतदान के लिए सबसे पहले पंजीकरण कराने वाली महिला सलमा अल-राशिद ने कहा, "अच्छा लग रहा है. बदलाव एक बड़ा शब्द है, लेकिन चुनाव ही एकमात्र जारिया है, जिसके जरिये हमें वास्तव में प्रतिनिधित्व मिल सकेगा."


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