रामदेव बोले'दुर्भाग्य है 70 सालों में एक भी संन्यासी को नहीं मिला भारत रत्न'
देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न की घोषणा को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव ने गणतंत्र दिवस पर अपनी प्रतिक्रया देते हुए कहा कि दुर्भाग्य है 70 सालों में एक भी संन्यासी को भारत रत्न नहीं मिला। महाऋषि दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद जी या शिवकुमार स्वामी जी। मैं भारत सरकार से आग्रह करता हूं कि अगली बार कम से कम किसी संन्यासी को भी भारत रत्न दिया जाए।
इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि 2019 का चुनाव महासंग्राम है। कोई भी राजनीतिक पार्टी भारत को जातियों में न बांट सके। आज देश को शैक्षिक, आर्थिक, चिकित्सक व अन्य गुलामी से आजादी दिलाने के लिए भी सभी आज के दिन संकल्प लें। बाबा रामदेव ने 2019 चुनाव से पहले भारतीय शिक्षा बोर्ड बनाए जाने की बात भी कही।
गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रसिद्ध संगीतकार-गायक भूपेन हजारिका और भारतीय जनसंघ के नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' प्रदान किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में सरकार ने कहा कि देशमुख और हजारिका को मरणोपरांत इस सम्मान के लिए चुना गया है।


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