मौनी अमावस्या पर कुंभ में श्रद्धालुओं पर होगी अमृत वर्षा
संयम, समर्पण और त्याग के प्रतीक कुंभ का प्रमुख स्नान पर्व भी है।सोमवार का दिन, त्रिग्रहीय योग और नक्षत्रों की अद्भुत जुगलबंदी से कुंभ में इस दिन श्रद्धालुओं पर अमृत वर्षा होगी। तिथि विशेष पर मौन रखकर प्रयागराज त्रिवेणी संगम में डुबकी अथवा काशी में दशाश्वमेधघाट पर गंगा स्नान का विशेष माहात्म्य है।
प्रयागराज के कुंभ में ब्रह्म मुहूर्त में मौन रखकर संगम में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालु सात पीढिय़ों को तारेंगे।ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने प्रयागराज में बताया कि अमावस्या तिथि रविवार रात 11.12 बजे लगकर सोमवार रात 01.13 बजे तक रहेगी। सोमवार का दिन, श्रवण नक्षत्र, सिद्धि योग के अलावा मकर राशि में सूर्य, चंद्र व बुध का संचरण होने से त्रिग्रहीय योग का संयोग बन रहा है जबकि वृश्चिक राशि में वृहस्पति का संचरण होने से कुंभ योग बन रहा है।


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