स्वाइन फ्लू: दिल्ली के अस्पतालों में 12 की मौत, स्वास्थ्य मंत्रालय का मौतों से इनकार
राजस्थान और गुजरात के बाद अब स्वाइन फ्लू का दिल्ली में भी कहर दिख रहा है। दिल्ली के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से 12 लोगों की मौत की खबर है। H1N1 वायरस से प्रभावित होने वाला राजधानी दिल्ली तीसरा बड़ा राज्य है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोई मौत नहीं हुई है। दिल्ली में स्वाइन फ्लू से 600 लोग ग्रस्त पाए गए हैं। राजस्थान में अब तक 76 वहीं गुजरात में 27 लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है।
एच1एन1 (H1N1) मौसमी इन्फ्लुएंजा एक प्रकार का स्वंय-सीमित वायरल रोग है यह श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जो ए टाइप के इनफ्लुएंजा वायरस से होती है। यह कण हवा के जरिए या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। मसलन, दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी यह वायरस फैल सकते हैं, अगर इन चीजों का इस्तेमाल पहले किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा किया गया हो।
बुख़ार और खांसी, गला ख़राब, नाक बहना या बंद होना, सांस लेने में तकलीफ़ और अन्य लक्षण जैसे बदन दर्द, सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी, बलगम में खून आना इत्यादि भी हो सकते हैं। बुखार, खांसी, सर्दी, शरीर में दर्द होना व थकान महसूस होना। माइल्ड स्वाइन फ़्लू का इलाज लक्षणों पर आधारित होता है। ऐसे लक्षणों में टेमीफ्लू दवा लेने की या जांच की जरूरत नहीं होती।


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