सबरीमाला विवाद: सरकार ने एससी को सौंपी 51 महिलाओं की लिस्ट, मगर उनमें कई निकले पुरुष
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामले में शुक्रवार को केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक लिस्ट पेश की थी। इस लिस्ट में 50 साल से कम उम्र की उन 51 महिलाओं के नाम थे जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भगवान अयप्पा के दर्शन किए। दरअसल केरल सरकार का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 50 साल से कम उम्र की अब तक करीब 51 महिलाएं मंदिर में प्रवेश कर चुकी हैं। और इन्हीं 51 महिलाओं की लिस्ट कोर्ट में पेश की गई। लेकिन अब इस लिस्ट की कुछ और ही सच्चाई सामने आ रही है।
दरअसल पत्रकारों ने जब इस लिस्ट में दी गई महिलाओं से बात करने की कोशिश की तो पता चला इस लिस्ट में कई नाम ऐसे हैं जो असल में पुरुष हैं। जैसे कि जब एक पत्रकार ने उस लिस्ट में से एक महिला श्रद्धालु से बात करने के लिए लिस्ट में दिए गए नंबर पर कॉल किया तो पता चला कि वो नंबर असल में 47 वर्षीय किसी पुरुष का है। ये पहला मामला नहीं था। लिस्ट में कलावती नाम के सामने जो फॉन नंबर दिया गया था, वो असल में शंकर नाम के टैक्सी ड्राइवर का नंबर निकला।
इसके अलावा केरल सरकार ने जब सुप्रीम कोर्ट को लिस्ट सौंपी तो उनमें से कई महिलाओं ने मीडिया को बताया कि वे 51 वर्ष से अधिक उम्र की थीं। इस मामले का खुलासा होने के बाद कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने सीएम पिनाराई विजयन पर सुप्रीम कोर्ट को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने कहा, ये शर्मनाक है। शुरुआत से केरल सरकार सबरमीला को लेकर गंदा खेल खेल रही है। मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट में बताना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ। इससे पहले शुक्रवार को सुनवाई के दौरान केरल सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में ये भी बताया गया था कि 10 से 50 साल के आयु वर्ग की करीब 7,500 महिलाएं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने के लिए आधार के जरिए रजिस्ट्रेशन करवा चुकी हैं और इनमें से 51 महिलाएं मंदिर में प्रवेश भी कर चुकी हैं।


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